कोरोना एक चुनौती ही नहीं अवसर भी
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डाॅ देवेन्द्र जोशी
उज्जैन। 'कोरोना वैश्विक महामारी जहां एक चुनौती है वहीं एक अवसर भी है। इस मुश्किल घडी में लोगों को अपने घरों में रहना पड रहा है तो दूसरी तरफ उसे अपने आत्मबल, अध्यात्म, नियम, संयम को भी परखने को मिल रहा है।' उक्त उद्गार जूना पीठाधीश्वर और सुप्रसिद्ध आचार्य स्वामी आवधेशानन्द गिरी जी महाराज ने ई हेल्थ सम्मिट - वेबिनार में अपने विचार व्यक्त करते हुए कहे।
उन्होंने कहा कि इस विपदा की घडी में विचार,अध्यात्म, आत्मविश्वास, योग, सकारात्मक सोच के जरिए इस महामारी से बचा जा सकता है। अपनी मनःस्थिति को ठीक रखकर भी इससे निजात पाया जा सकता है। जो चिकित्सा कर्मी, सेवा कर्मी और सुरक्षा कर्मी लगे हैं वे सब बधाई के पात्र हैं। सभी को उनके प्रति आदर का भाव रखना चाहिए। इस विपदा की घडी में विचार की सामर्थ्य बडी शक्ति है। अपने को अवसाद से बचाए रखकर ही हम इस विपदा से बचे रह सकते हैं। अपनी रचनात्मकता से भी इस समय का सदुपयोग किया जा सकता है।